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❤💔”एक मर्मस्पर्शी कथा”💔❤

एक व्यक्ति ने बुलेट 350सीसी
मोटरसायकल खरीदी,
ताकि,
वो,
अपनी गर्लफ्रेंड को लॉन्गड्राइव पर घुमाने ले जा सके ..

लेकिन,

किस्मत देखिये..

बुलेट 350सीसी की तेज़ आवाज़ के कारण,
ड्राइविंग
करते समय वो अपनी गर्लफ्रेंड से बात नही कर पता था,

तंग आ कर,
आखिरकार उसने अपनी बुलेट 350सीसी,
जिसे उसने बड़े ही अरमानो से खरीदा था,
बमुश्किल एक महीने के भीतर,
घाटा उठाकर,
यानि नुकसान सहकर बेच दी,
बेच दी,

और

एक नई एक्टिवा खरीद ली,

अब वो बहुत खुश था..

उसकी लवलाइफ बहुत ही अच्छी चल रही थी,

लॉन्गड्राइव पर जाने में
उसे अब बहुत ही मज़ा आने लगा था,

क्योंकि, नई एक्टिवा,
उस बुलेट 350सीसी की तरह तेज़ आवाज़ नही करती थी,
और वो,
बड़े ही आराम से ड्राइविंग करते हुए अपनी प्यारी गर्लफ्रेंड से बातें कर पाता था,

दोनों के दिन बड़े ही अच्छे से कट रहे थे,

वक्त मनो पंख लगा कर उड़ता रहा..
देखते ही देखते दो वर्ष कब बीत गये,
दोनों को पता ही न चला,

बहुत प्यार था उन दोनों को
एक दूजे से,

दोनों ने साथ-साथ जीने मरने की कसमें खाईं,

आदमी अच्छाखासा कमाता था,
गर्लफ्रेंड में भी कोई कमी न थी,

अत:
घरवालों को राज़ी कर के दोनों ने शादी कर ली,

अब वक्त और तेज़ी से गुज़रा..

एक साल बाद..

उसी आदमी ने,

एक्टिवा बेच कर,
बुलेट 500सीसी खरीद ली..!

😜😛😂😉😄😭😂😢😰
💔❤💚💜💙💛💕💖💞



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पहली कक्षा की टीचर मिस नीलम (आयु 28 वर्ष) को अपने एक स्टुडेंट से कुछ परेशानी हो रही थी |

मिस नीलम ने बच्चे से पूछा “तुम्हे क्या प्रॉब्लम हे ”

बच्चे ने उत्तर दिया..में पहली कक्षा के हिसाब से अधिक स्मार्ट हूँ |मेरी बहिन
तीसरी कक्षा में हे जबकि मुझे लगता हे में उससे अधिक स्मार्ट हूँ |इसलिए मुझे भी तीसरी कक्षा में ही होना चाहिए |”

मिस नीलम बच्चे को लेकर प्रिंसिपल के पास जाती हे और सारी बात बताती हे |

प्रिंसिपल कहती हे की वह बच्चे से कुछ प्रश्न पूछेगी यदि बच्चे ने एक भी प्रश्न का गलत उत्तर दिया तो उसको पिछली कक्षा में जाना होगा और अनुशासित रहना होगा |

मिस नीलम तय्यार हो जाती हे |

बच्चे को सारी शर्ते बता दी जाती हे और बच्चा उत्तर देने को तय्यार हो जाता हे |

प्रिंसिपल- 3×3 कितना होता हे ?
बच्चा- 9
प्रिंसिपल- 6×6 कितना होता हे ?
बच्चा- 36

और इस प्रकार प्रिंसिपल बच्चे से वही प्रश्न करती हे जो उसके अनुसार एक
तीसरी कक्षा के बच्चे को आने चाहिए|

बच्चा प्रत्येक प्रश्न का सही उत्तर देता हे |

प्रिंसिपल उसको तीसरी कक्षा में भेजने का आदेश देती हे परन्तु मिस नीलम कहती हे मेरे भी कुछ खास प्रश्नों के उत्तर बच्चे को देने होंगे |

क्या में इससे कुछ प्रश्न पूछ सकती हूँ ?

प्रिंसिपल और बच्चा दोनों इसके लिए तय्यार हो जाते हे |

मिस नीलम- ऐसी कौन सी चीज़ हे जो गाय के पास चार होती हे और मेरे पास दो हे |

बच्चा- पैर |

मिस नीलम- तुम्हारी पेंट में ऐसा क्या हे जो मेरी पेंट में नही हे |

बच्चा- पॉकेट्स (जेब) |

मिस नीलम- वो क्या हे जिसका नाम C से शुरू होता हे और T पर खत्म,इस पर बाल होते हे ,और इसमें से सफेद रंग का स्वादिष्ट द्रव निकलता हे|

बच्चा- coconut (नारियल)

मिस नीलम- वो क्या हे जो अन्दर जाते समय सख्त और गुलाबी होता हे लेकिन बाहर आने पर मुलायम और चिपचिपा हो जाता हे |

प्रिंसिपल की आँखे आश्चर्य से फेलनी शुरू हो जाती हे |

बच्चा- बबलगम |

मिस नीलम- वो क्या हे जो मर्द खड़े होकर करते हे ,महिलाये बैठकर और कुत्ते अपनी तीन टांगो पर |

इससे पहले की बच्चा उत्तर दे प्रिंसिपल बच्चे को आश्चर्य से देखती हे |

बच्चा- shake hands (हाथ मिलाना ) |

मिस नीलम- अब में तुमसे “में कौन हूँ” टाइप के प्रश्न पूछूंगी |

बच्चा- ठीक हे |

मिस नीलम- तुम अपने पोल्स मुझ में घुसाते हो, तुम मुझे नीचे बांधते हो ताकि में सीधा खड़ा रह सकू,तुम्हारी बजाय बारिश में में पहले भीगता हूँ |

बच्चा- टेंट |

मिस नीलम- ऊँगली मुझमे जाती हे ,जब तुम बोर होते हो तो मुझसे छेड़छाड़ करते हो, बहतरीन व्यक्ति मुझे पहले प्राप्त करता हे |

अब प्रिंसिपल बिलकुल ही परेशान
हो जाती हे और बच्चे को उत्तर देने से
रोकना चाहती हे परन्तु बच्चा कहा रुकने वाला था |

बच्चा- wedding ring (शादी की अंगूठी) |

मिस नीलम- मेरे कई आकर (sizes) होते हे ,जब में ठीक नही होती तो में टपकने लगती हूँ, लेकिन उस समय जब तुम मुझे भीचते हो तो तुम्हे अच्छा लगता हे |

बच्चा- नाक (nose)

मिस नीलम- में सख्त (hard) हूँ, मेरा अगला किनारा (tip) अन्दर घुस जाता हे और अन्दर घुसने के बाद में कुछ देर के लिए हिलता हूँ |

बच्चा- तीर (arrow)

मिस नीलम- मेरा पहला अक्षर F हे और अंतिम K | मेरा सम्बन्ध अग्नि एवं उत्तेजना (fire and excitement) से हे |

बच्चा- firetruck (आग बुझाने
वाली गाडी) |

मिस नीलम- मेरा पहला अक्षर F हे और अंतिम K | यदि में नही हूँ तो तुम्हे अपने हाथ का प्रयोग करना पड़ेगा |

बच्चा- fork (खाना खाने का काँटा) |

मिस नीलम- वो क्या हे जो किसी मर्द
का बड़ा होता हे ,किसी का छोटा | अपनी इस चीज़ का pope प्रयोग नही करता और प्रत्येक मर्द शादी होने के बाद इसे अपनी पत्नी को देता हे |

बच्चा- surname (उपनाम) |

मिस नीलम- मर्द के कौन से भाग में
हड्डी नही होती लेकिन मांसपेशियां होती हे ,इसमें पम्पिंग होती हे
और यह प्यार करने के लिए बहुत ही अधिक ज़िम्मेदार हे |

बच्चा- हृदय |

प्रिंसिपल एक लम्बी चेन की सांस
लेती हे और मिस नीलम से कहती हे “इस बच्चे को दिल्ली यूनिवर्सिटी भेज
दो ,क्यूंकि अंतिम दस प्रश्नों में तो मेरा उत्तर (अनुमान) भी ग़लत था …शुभ रात्रि 😜😝😛😄



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धरती की सबसे मेहंगी जगह सिरहिंद
फतेहगढ़ साहब में है, यहां पर श्री गुरु
गोबिंद सिंह जी के छोटे
साहिबजादों का अंतिम संस्कार
किया गया था, सेठ दीवान टोंडर मल ने
यह जगह 78000 सोने की मोहरे (सिक्के)
जमीन पर फेला कर मुस्लिम बादशाह से
जमीन खरीदी थी। सोने की कीमत
मुताबिक इस 4 स्केयर मीटर जमीन
की कीमत 2500000000 (दो अरब पचास
करोड़) बनती है। दुनिया की सबसे
मेहंगी जगह खरीदने का रिकॉर्ड आज
सिख धर्म के इतिहास में दर्ज
करवाया गया है। आजतक दुनिया के
इतिहास में इतनी मेहंगी जगह
कही नही खरीदी गयी।
कूल ड्यूड ने “300” फिल्म तो देखी ही होगी,
लेकिन कभी अपने भारतीय इतिहास के ऐसे ही युद्ध के
बारे मे पढ़ा है??
दुनिया के इतहास में ऐसा युद्ध ना कभी किसी ने
पढ़ा होगा ना ही सोचा होगा, जिसमे 10 लाख
की फ़ौज
का सामना महज 42 लोगों के साथ हुआ था और जीत
किसकी होती है उन 42 सूरमो की !
यह युद्ध ‘चमकौर युद्ध’ (Battle of Chamkaur) के नाम
से
भी जाना जाता है जो की मुग़ल योद्धा वज़ीर खान
की अगवाई में 10 लाख की फ़ौज का सामना सिर्फ
42
सिखों के सामने 6 दिसम्बर 1704 को हुआ जो की गुरु
गोबिंद सिंह जी की अगवाई में
तैयार हुए थे !
नतीजा यह निकलता है की उन 42 शूरवीर की जीत
होती है
जो की मुग़ल हुकूमत की नीव जो की बाबर ने
रखी थी , उसे जड़ से
उखाड़ दिया और भारत को आज़ाद भारत
का दर्ज़ा दिया !
औरंगज़ेब ने भी उस वक़्त गुरु गोबिंद सिंह जी के आगे
घुटने टेके और
मुग़ल राज का अंत हुआ हिन्दुस्तान से !
तभी औरंगजेब ने एक प्रश्न किया गुरु गोबिंद सिंह
जी के सामने,
की यह कैसी फ़ौज तैयार की आपने जिसने 10 लाख
की फ़ौज
को उखाड़ फेका !
गुरु गोबिंद सिंह जी ने जवाब दिया
चिड़ियों से मैं बाज
लडाऊ , गीदड़ों को मैं शेर बनाऊ !
सवा लाख से एक लडाऊ तभी गोबिंद सिंह नाम
कहउँ !!
गुरु गोबिंद सिंह जी ने जो कहा वो किया, जिन्हे
आज हर कोई
शीश झुकता है , यह है हमारे भारत की अनमोल
विरासत जिसे हमने
कभी पढ़ा ही नहीं !
अगर आपको यकीन नहीं होता तो एक बार जरूर गूगल
में लिखे ‘बैटल
ऑफ़ चमकौर’ और सच आपको पता लगेगा ,
आपको अगर
थोड़ा सा भी अच्छा लगा और आपको भारतीय
होने का गर्व है
तो जरूर इसे आगे शेयर करे जिससे की हमारे भारत के
गौरवशाली इतहास के बारे में दुनिया को पता लगे !

और शहीद सिक्खों को शीश झुकाये
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

वाहेगुरू जी का खालसा
वाहेगुरू जी की फतेह



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एक सच्ची घटना है

जो अभी हाल ही में

सूरत गुजरात में हूई ,,,,;;

सूरत के एक बहुत बड़े diamond बिज़नेस मैन का

संदेश,,,,,!!!

भाई की एकलौती संतान का एक्सीडेंट हुवा

और

वो हॉस्पिटल पहुचते समय रस्ते में

ही उसने अपनी आखरी

सांस ली

और

इस दुनिया को अलविदा कह दिया

लकिन मरते मरते उसने अपने पिता को एक मसेजे

दिया था

उसके पिता तो जैसे पागल से हो गए

अपने बेटे की मौत का समाचार सुनके

उन्हें हर जगह अपना बेटा ही दिखाई देता था

उसके सन की आखिरी इच्छा थी

की

उसके मनपसंद स्थान सापुतारा में

उसको दफनाया जाये

सबके

मना करने के बावजूद भी उन्होंने

अपने बेटे को सापुतारा मे दफनाया

उसी रात महेश भाई ने अपने मरे बेटे को होटल के कंपाउंड में घूमता देखा

फिर उन्हें एहसास हुवा की ये उनकी एक

कल्पना मात्र थी

अगले दिन

सापुतारा से लौटते समय भी उन्हें लगा

की उनका बेटा उन्हें रोकने के लिए

पीछे दौड़ रहा है

आखिर जब वो वापस सूरत आये तब

४-५ दिन के बाद उन्हें एक कॉल आया

जिसकी वजह से उनके पैरो के नीचे से

जमीन खिसक गयी

वह उनके लड़के का कॉल था

और उसे घर आना था फिर दुसरे दिन

भी कॉल आया

अब

सब चिंता में थे

और

सापुतारा पहुचे तो देखा की उनका

लड़का वही खड़ा था आखिर में पता चला की

कबर

बनाते समय कुछ सीमेंट उसके मुह में चली

गयी थी

और

वो जिन्दा हो गया क्योकि वो

अम्बुजा सीमेंट थी

और

इस सीमेंट में

जान है

plz अपना मोबाइल मत फेक देना

क्योकि हर एक फ्रेंड कमीना होता है

plz फॉरवर्ड this मैसेजे क्योकि

मैंने

भी ध्यान से पढ़ा और गुस्सा आया !!!

अब आप भी आगे भेजकर अपना गुस्सा ठंडा करे

दिल पे मत लेना यार ।!!!



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गुरूजी विद्यालय से घर लौट रहे थे । रास्ते में
एक नदी पड़ती थी ।
नदी पार करने लगे
तो ना जाने क्या सूझा , एक पत्थर पर बैठ अपने
झोले में से पेन और कागज निकाल अपने वेतन
का हिसाब निकालने लगे ।
अचानक….., हाथ से पेन फिसला और
डुबुक ….पानी में डूब गया ।
गुरूजी परेशान ।
आज ही सुबह पूरे पांच रूपये खर्च कर
खरीदा था । कातर दृष्टि से कभी इधर
कभी उधर देखते , पानी में उतरने
का प्रयास
करते , फिर डर कर कदम खींच लेते । एकदम
नया पेन
था , छोड़ कर जाना भी मुनासिब न था ।
अचानक…….
पानी में एक तेज लहर उठी , और
साक्षात् वरुण
देव सामने थे । गुरूजी हक्के -बक्के ।
कुल्हाड़ी वाली कहानी याद
आ गई । वरुण देव
ने कहा , ” गुरूजी । क्यूँ इतने परेशान हैं ।
प्रमोशन , तबादला ,
वेतनवृद्धि ,क्या चाहिए ?
गुरूजी अचकचाकर बोले , ” प्रभु ! आज
ही सुबह
एक पेन खरीदा था । पूरे पांच रूपये का ।
देखो ढक्कन भी मेरे हाथ में है । यहाँ पत्थर पर
बैठा लिख रहा था कि पानी में गिर गया ।
प्रभु बोले , ” बस इतनी सी बात !
अभी निकाल लाता हूँ ।”
प्रभु ने डुबकी लगाई , और चाँदी का एक
चमचमाता पेन लेकर बाहर आ गए । बोले – ये है
आपका पेन ?
गुरूजी बोले – ना प्रभु । मुझ गरीब
को कहाँ ये
चांदी का पेन नसीब । ये
मेरानाहीं ।
प्रभु बोले – कोई नहीं , एक
डुबकी और
लगाता हूँ ।
डुबुक ….. इस बार प्रभु सोने का रत्न जडित पेन
लेकर आये ।बोले – “लीजिये गुरूजी ,
अपना पेन
।”
गुरूजी बोले – ” क्यूँ मजाक करते हो प्रभु ।
इतना कीमती पेन और
वो भी मेरा । मैं टीचर हूँ
सर , CRC नहीं ।
थके हारे प्रभु ने कहा , ” चिंता ना करो गुरुदेव ।
अबके फाइनल डुबकी होगी ।
डुबुक …. बड़ी देर बाद प्रभु उपर आये । हाथ में
गुरूजी का जेल पेन लेकर । बोले – ये है क्या ?
गुरूजी चिल्लाए – हाँ यही है ,
यही है ।
प्रभु ने कहा – आपकी इमानदारी ने
मेरा दिल
जीत लिया गुरूजी । आप सच्चे गुरु हैं ।
आप ये
तीनों पेन ले लो ।
गुरूजी ख़ुशी – ख़ुशी घर
को चले ।
कहानी अभी बाकी है
दोस्तों —
गुरूजी ने घर आते
ही सारी कहानी पत्नी जी को सुनाई

चमचमाते हुवे कीमती पेन
भी दिखाए ।
पत्नी को विश्वास ना हुवा , बोली तुम
किसी CRC का चुरा कर लाये हो ।
बहुत समझाने पर भी जब
पत्नी जी ना मानी तो गुरूजी उसे
घटना स्थल की ओर ले चले ।
दोनों उ पत्थर पर बैठे , गुरूजी ने बताना शुरू
किया कि कैसे – कैसे सब हुवा ।
पत्नी जी एक
एक कड़ी को किसी शातिर पुलिसिये
की तरह जोड़
रही थी कि अचानक …….
डुबुक !!! पत्नी जी का पैर फिसला , और
वो गहरे पानी में समा गई ।
गुरूजी की आँखों के आगे तारे नाचने लगे
। ये
क्या हुवा ! जोर -जोर से रोने लगे ।
तभी अचानक ……
पानी में ऊँची ऊँची लहरें
उठने लगी ।
नदी का सीना चीरकर
साक्षात वरुण देव
प्रकट हुवे । बोले – क्या हुआ गुरूजी ? अब क्यूँ
रो रहे हो ?
गुरूजी ने रोते हुए पूरी story प्रभु
को सुनाई ।
प्रभु बोले – रोओ मत ।धीरज रखो । मैं
अभी आपकी पत्नी को निकाल
कर लाता हूँ।
प्रभु ने डुबकी लगाईं , और …..
..
……..
…………
……………..थोड़ी देर में
वो सनी लियोनी को लेकर प्रकट हुवे ।
बोले –
गुरूजी ।
क्या यही आपकी पत्नी जी है ??
गुरूजी ने एक क्षण सोचा , और चिल्लाए –
हाँ यही है , यही है ।
अब चिल्लाने की बारी प्रभु
की थी । बोले –
दुष्ट मास्टर । टंच माल देखा तो नीयत बदल
दी । ठहर तुझे श्राप देता हूँ ।
गुरूजी बोले – माफ़ करें प्रभु । मेरी कोई
गलती नहीं । अगर मैं इसे
मना करता तो आप
अगली डुबकी में प्रियंका चोपड़ा को लातते

मैं फिर भी मना करता तो आप
मेरो पत्नी को लाते । फिर आप खुश होकर
तीनों मुझे दे देते ।
अब आप ही बताओ भगवन , इस महंगाई के
जमाने
में मैं तीन – तीन
बीबीयाँ कैसे पालता ।
सो सोचा , सनी से ही काम चला लूँगा ।
और
इस ठंड में आप भी डुबकियां लगा लगा कर थक
गये होंगे । जाइये विश्राम करिए । bye bye
छपाक … एक आवाज आई । प्रभु बेहोश होकर
पानी में गिर गए थे ।
गुरूजी सनी का हाथ थामे
सावधानीपूर्वक
धीरे – धीरे नदी पार कर
रहे थे ।
जय हो👏👏👏👏👏👏

,😜😜😜
Dekha kitne seedhe hote he teachers😁😁



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एक औरत अपने परिवार के सदस्यों के लिए रोज़ाना भोजन पकाती थी और एक रोटी वह वहाँ से गुजरने वाले किसी भी भूखे के लिए पकाती थी..।

वह उस रोटी को खिड़की के सहारे रख दिया करती थी, जिसे कोई भी ले सकता था..।

एक कुबड़ा व्यक्ति रोज़ उस रोटी को ले जाता और बजाय धन्यवाद देने के अपने रस्ते पर चलता हुआ वह कुछ इस तरह बड़बड़ाता- “जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा..।”

दिन गुजरते गए और ये सिलसिला चलता रहा..

वो कुबड़ा रोज रोटी लेके जाता रहा और इन्ही शब्दों को बड़बड़ाता- “जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा.।”

वह औरत उसकी इस हरकत से तंग आ गयी और मन ही मन खुद से कहने लगी की- “कितना अजीब व्यक्ति है, एक शब्द धन्यवाद का तो देता नहीं है, और न जाने क्या-क्या बड़बड़ाता रहता है, मतलब क्या है इसका.।”

एक दिन क्रोधित होकर उसने एक निर्णय लिया और बोली- “मैं इस कुबड़े से निजात पाकर रहूंगी.।”

और उसने क्या किया कि उसने उस रोटी में ज़हर मिला दिया जो वो रोज़ उसके लिए बनाती थी, और जैसे ही उसने रोटी को को खिड़की पर रखने कि कोशिश की, कि अचानक उसके हाथ कांपने लगे और रुक गये और वह बोली- “हे भगवन, मैं ये क्या करने जा रही थी.?” और उसने तुरंत उस रोटी को चूल्हे कि आँच में जला दिया..। एक ताज़ा रोटी बनायीं और खिड़की के सहारे रख दी..।

हर रोज़ कि तरह वह कुबड़ा आया और रोटी ले के: “जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा, और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा” बड़बड़ाता हुआ चला गया..।

इस बात से बिलकुल बेख़बर कि उस महिला के दिमाग में क्या चल रहा है..।

हर रोज़ जब वह महिला खिड़की पर रोटी रखती थी तो वह भगवान से अपने पुत्र कि सलामती और अच्छी सेहत और घर वापसी के लिए प्रार्थना करती थी, जो कि अपने सुन्दर भविष्य के निर्माण के लिए कहीं बाहर गया हुआ था..। महीनों से उसकी कोई ख़बर नहीं थी..।

ठीक उसी शाम को उसके दरवाज़े पर एक दस्तक होती है.. वह दरवाजा खोलती है और भोंचक्की रह जाती है.. अपने बेटे को अपने सामने खड़ा देखती है..।

वह पतला और दुबला हो गया था.. उसके कपडे फटे हुए थे और वह भूखा भी था, भूख से वह कमज़ोर हो गया था..।

जैसे ही उसने अपनी माँ को देखा, उसने कहा- “माँ, यह एक चमत्कार है कि मैं यहाँ हूँ.. आज जब मैं घर से एक मील दूर था, मैं इतना भूखा था कि मैं गिर गया.. मैं मर गया होता..।

लेकिन तभी एक कुबड़ा वहां से गुज़र रहा था.. उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया.. भूख के मरे मेरे प्राण निकल रहे थे.. मैंने उससे खाने को कुछ माँगा.. उसने नि:संकोच अपनी रोटी मुझे यह कह कर दे दी कि- “मैं हर रोज़ यही खाता हूँ, लेकिन आज मुझसे ज़्यादा जरुरत इसकी तुम्हें है.. सो ये लो और अपनी भूख को तृप्त करो.।”

जैसे ही माँ ने उसकी बात सुनी, माँ का चेहरा पीला पड़ गया और अपने आप को सँभालने के लिए उसने दरवाज़े का सहारा लीया..।

उसके मस्तिष्क में वह बात घुमने लगी कि कैसे उसने सुबह रोटी में जहर मिलाया था, अगर उसने वह रोटी आग में जला के नष्ट नहीं की होती तो उसका बेटा उस रोटी को खा लेता और अंजाम होता उसकी मौत..?

और इसके बाद उसे उन शब्दों का मतलब बिलकुल स्पष्ट हो चूका था- “जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा, और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा.।।

🍁” निष्कर्ष “🍁
==========
हमेशा अच्छा करो और अच्छा करने से अपने आप को कभी मत रोको, फिर चाहे उसके लिए उस समय आपकी सराहना या प्रशंसा हो या ना हो..।
==========

अगर आपको ये कहानी पसंद आई हो तो इसे दूसरों के साथ ज़रूर शेयर करें..

मैं आपसे दावे के साथ कह सकता हूँ कि ये बहुत से लोगों के जीवन को छुएगी व बदलेगी.।



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ram kaushik
👉एक लडकी ने एक लडके का प्यार कबुल नही किया तो लडके ने
लडकी के मुँह पर तेजाब फेक दिया तो लडकी ने लडके से चंद
पंक्तीयाँ कही आप एक बार इन पंक्तीयो को जरुर पढना👏
NEXT

👉चलो, फेंक दिया
सो फेंक दिया….@
अब कसूर भी बता दो मेरा
तुम्हारा इजहार था
मेरा इन्कार था
बस इतनी सी बात पर
फूंक दिया तुमने
चेहरा मेरा….@
गलती शायद मेरी थी
प्यार तुम्हारा देख न सकी
इतना पाक प्यार था
कि उसको मैं समझ ना सकी….@
अब अपनी गलती मानती हूँ
क्या अब तुम … अपनाओगे मुझको?
क्या अब अपना … बनाओगे मुझको?@
क्या अब … सहलाओगे मेरे चहरे को?
जिन पर अब फफोले हैं…@
मेरी आंखों में आंखें डालकर देखोगे?
जो अब अन्दर धस चुकी हैं
जिनकी पलकें सारी जल चुकी हैं
चलाओगे अपनी उंगलियाँ मेरे गालों पर?
जिन पर पड़े छालों से अब पानी निकलता है
हाँ, शायद तुम कर लोगे….@
तुम्हारा प्यार तो सच्चा है ना?
अच्छा! एक बात तो बताओ
ये ख्याल ‘तेजाब’ का कहाँ से आया?
क्या किसी ने तुम्हें बताया?
या जेहन में तुम्हारे खुद ही आया?
अब कैसा महसूस करते हो तुम मुझे जलाकर?
गौरान्वित..???@
या पहले से ज्यादा
और भी मर्दाना…???@

तुम्हें पता है
सिर्फ मेरा चेहरा जला है
जिस्म अभी पूरा बाकी है
एक सलाह दूँ!…@

एक तेजाब का तालाब बनवाओ
फिर इसमें मुझसे छलाँग लगवाओ
जब पूरी जल जाऊँगी मैं
फिर शायद तुम्हारा प्यार मुझमें
और गहरा और सच्चा होगा….@

एक दुआ है….@
अगले जन्म में
मैं तुम्हारी बेटी बनूँ
और मुझे तुम जैसा
आशिक फिर मिले
शायद तुम फिर समझ पाओगे
तुम्हारी इस हरकत से
मुझे और मेरे परिवार को
कितना दर्द सहना पड़ा है।…@
तुमने मेरा पूरा जीवन
बर्बाद कर दिया है



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कल रात मैंने एक “सपना” देखा.!!
सपने में मैं और मेरी Family
शिमला घूमने गए.!!
हम सब शिमला की रंगीन
वादियों में कुदरती नजारा
देख रहे थे.!!
जैसे ही हमारी Car
Sunset Point की ओर
निकली….. अचानक गाडी के Breakफेल हो गए और हम सब
करीबन 1500 फिट गहरी
खाई में जा गिरे.!!

मेरी तो on the spot Death हो गई.!!

जीवन में कुछ अच्छे कर्म किये होंगे इसलिये यमराज मुझे स्वर्ग में ले गये.!!

देवराज इंद्र ने मुस्कुराकर
मेरा स्वागत किया.!! मेरे हाथ में Bag देखकर पूछने लगे

इसमें क्या है.?

मैंने कहा इसमें मेरे जीवन भर
की कमाई है, पांच करोड़ रूपये हैं । इन्द्र ने SVG 6767934 नम्बर के Locker की ओर इशारा करते हुए कहा-
आपकी अमानत इसमें रख
दीजिये.!!

मैंने Bag रख दी.!!

मुझे एक Room भी दिया.!!
मैं Fresh होकर Market में
निकला.!! देवलोक के Shopping मॉल
मे अदभूत वस्तुएं देखकर मेरा मन ललचा गया.!!

मैंने कुछ चीजें पसन्द करके
Basket में डाली, और काउंटर
पर जाकर उन्हें हजार हजार के
करारे नोटें देने लगा.!!

Manager ने नोटों को देखकर
कहा यह करेंसी यहाँ नहीं चलती.!!

यह सुनकर मैं हैरान रह गया.!!
मैंने इंद्र dev के पास Complaint की इंद्र devने मुस्कुराते हुए कहा कि
आप व्यापारी होकर इतना भी
नहीं जानते? कि आपकी करेंसी
बाजु के मुल्क पाकिस्तान, श्रीलंका और बांगलादेश में भी नही चलती.?
और आप मृत्यूलोक की करेंसी
स्वर्गलोक में चलाने की मूर्खता
कर रहे हो.!! यह सब सुनकर मुझे मानो साँप सूंघ गया.!!

मैं जोर जोर से दहाड़े मारकर
रोने लगा.!! और परमात्मा से
दरखास्त करने लगा, हे भगवान् ये क्या हो गया.? मैंने कितनी मेहनत से ये पैसा कमाया.?
दिन नही देखा, रात नही देखा, पैसा कमाया.!! माँ बाप की सेवा नही की, पैसा कमाया
बच्चों की परवरीश नही की,
पैसा कमाया.!! पत्नी की सेहत की ओर ध्यान नही दिया, पैसा कमाया.!!

रिश्तेदार, भाईबन्द, परिवार और
यार दोस्तों से भी किसी तरह की
हमदर्दी न रखते हुए पैसा
कमाया.!!
जीवन भर हाय पैसा
हाय पैसा किया.!!
ना चैन से सोया, ना चैन से खाया…. बस, जिंदगी भर पैसा कमाया.!
और यह सब व्यर्थ गया….

हाय राम, अब क्या होगा….

इंद्र dev ने कहा,-
रोने से कुछ हासिल होने वाला
नहीं है.!! जिन जिन लोगो ने यहाँ जितना भी पैसा लाया, सब रद्दी हो गया।

जमशेद जी टाटा के 55 हजार करोड़ रूपये, बिरला जी के 47 हजार करोड़ रूपये, धीरू भाई
अम्बानी के 29 हजार करोड़
अमेरिकन डॉलर…. सबका पैसा यहां पड़ा है.!!

मैंने इंद्र dev से पूछा-
फिर यहां पर कौनसी करेंसी
चलती है.??
इंद्र dev ने कहा-
धरती पर अगर कुछ अच्छे कर्म
किये है. जैसे किसी दुखियारे को
मदद की, किसी रोते हुए को
हसाया, किसी गरीब बच्ची की
शादी कर दी, किसी अनाथ बच्चे को पढ़ा लिखा कर काबिल बनाया.!! किसी को व्यसनमुक्त किया.!! किसी अपंग स्कुल, वृद्धाश्रम या मंदिरों में दान धर्म किया….

ऐसे पूण्य कर्म करने वालों को
यहाँ पर एक Credit Card
मिलता है….
और उसे वापS कर आप यहाँ
स्वर्गीय सुख का उपभोग ले
सकते है.!!

मैंने कहा भगवन, मुझे यह पता
नहीं था. इसलिए मैंने अपना जीवन व्यर्थ गँवा दिया.!!

हे प्रभु, मुझे थोडा आयुष्य दीजिये… और मैं गिड़गिड़ाने लगा.!! इंद्र dev को मुझ पर दया आ गई.!!

इंद्र dev ने तथास्तु कहा और मेरी नींद खुल गयी…

मैं जाग गया….

अब मैं वो दौलत कमाऊँगा
जो वहाँ चलेगी…..



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