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एक औरत थी,
जो अंधी थी,
जिसके कारण उसके बेटे को स्कूल
में बच्चे चिढाते थे,
कि अंधी का बेटा आ गया,
हर बात पर उसे ये शब्द सुनने
को मिलता था कि “अन्धी का बेटा” .
इसलिए वो अपनी माँ से चिडता था . उसे
कही भी अपने
साथ लेकर जाने में
हिचकता था
उसे नापसंद करता था..
उसकी माँ ने उसे पढ़ाया..
और उसे इस लायक बना दिया की वो अपने पैरो पर
खड़ा हो सके..
लेकिन जब वो बड़ा आदमी बन
गया तो अपनी माँ को छोड़
अलग रहने लगा..
एक दिन एक बूढी औरत उसके घर
आई और गार्ड से बोली..
मुझे तुम्हारे साहब से मिलना है जब गार्ड ने अपने मालिक से
बोल तो मालिक ने कहा कि बोल
दो मै अभी घर पर नही हूँ.
गार्ड ने जब बुढिया से
बोला कि वो अभी नही है..
तो वो वहा से चली गयी..!!
थोड़ी देर बाद जब लड़का अपनी कार से
ऑफिस के लिए
जा रहा होता है..
तो देखता है कि सामने बहुत भीड़
लगी है..
और जानने के लिए कि वहा क्यों भीड़
लगी है वह
वहा गया तो देखा उसकी माँ वहा मरी पड़ी थी..
उसने
देखा की उसकी मुट्ठी में
कुछ है उसने जब
मुट्ठी खोली तो देखा की एक
लेटर जिसमे यह
लिखा था कि बेटा जब तू छोटा था तो खेलते वक़्त
तेरी आँख में सरिया धंस
गयी थी और तू
अँधा हो गया था तो मैंने तुम्हे
अपनी आँखे दे दी थी..
इतना पढ़ कर लड़का जोर-जोर से
रोने लगा..
उसकी माँ उसके पास नही आ
सकती थी..
दोस्तों वक़्त रहते ही लोगो की वैल्यू
करना सीखो..
माँ-बाप का कर्ज हम
कभी नही चूका सकत..
हमारी प्यास का अंदाज़ भी अलग है
दोस्तों,
कभी समंदर को ठुकरा देते है,
तो कभी आंसू तक पी जाते है..!!!
“बैठना भाइयों के बीच,
चाहे “बैर” ही क्यों ना हो..
और खाना माँ के हाथो का,
चाहे “ज़हर” ही क्यों ना हो..!!…
अगर आप अपनी माँ को बेहद प्यार करते है तो ये मैसज को इतना फेला ओ जितना तुम अपनी माॅ। को चाहतें हो
आगे Forward करें..



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बॉलीवुड के हीरो और स्टार्स को कॉपी करनें वाले युवा अगर एक दिन के लिये हि देश के असली
हीरो भगतसिंह,सुखदेव,राजगुरु और चंद्रशेखर आजाद को कॉपी करलें तो देश की दशा और दिशा दोनों ही बदल जाये !!

“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना
है जोर कितना बाजुएँ क़ातील में है”

शहीद दिवस की अश्रुपूर्ण श्रधांजलि देश के वीर
सपूतों को
“वंदे मातरम”



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“चूमना पड़ता है फाँसी का फंदा
चरखा चलाने से इंकलाब नही मिलता”
माँ भारती के अमर सपूत
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीद दिवस पर महान हुतात्माओं को भावभीनी श्रद्धांजली एवं शत शत नमन
जय हिन्द। वंदे मातरम्



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ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आँख में भर लो
पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो
कुरबानी
जब देश में थी दीवाली वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में वो झेल रहे थे गोली
क्या लोग थे वो दीवाने क्या लोग थे वो
अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो
कुरबानी
थी खून से लथ-पथ काया फिर भी बंदूक उठाके
दस-दस को एक ने मारा फिर गिर गए होश गँवा
के
जब अंत-समय आया तो कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों अब हम तो सफ़र करते
हैं
**********जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद**********
शहीद भगत सिंह ,राजगुरू और सुखदेव को
उनके शहादत दिवस 23 मार्च को श्रद्धापूर्ण
नमन एवं श्रद्धांजलि ।
**********जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद********



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आज भगत सिंह, राजगुरु, और सुखदेव को फांसी की सजा दी गयी। मित्रो भगतसिंह के जन्म के बाद उनकी दादी ने उनका नाम ‘भागो वाला’रखा था। जिसका मतलब होता है ‘अच्छे भाग्य वाला’। बाद में उन्हें ‘भगतसिंह’ कहा जाने लगा। वह 14 वर्ष की आयु से ही पंजाब की क्रांतिकारी संस्थाओं में कार्य करने लगे थे। डी.ए.वी. स्कूल से उन्होंने नौवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1923 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें विवाह बंधन में बांधने की तैयारियां होने लगी तो वह लाहौर से भागकर कानपुर आ गए। फिर देश की आजादी के संघर्ष में ऐसे रमें कि पूरा जीवन ही देश को समर्पित कर दिया। भगतसिंह ने देश की आजादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुकाबला किया,वह युवकों के लिए हमेशा ही एक बहुत बड़ा आदर्श बना रहेगा।

ऐसा संघर्ष पूर्ण जीवन शिवराम हरी राजगुरु का भी था भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रान्तिकारी थे। इन्हें भगत सिंह और सुखदेव के साथ २३ मार्च १९३१ को फाँसी पर लटका दिया गया था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में राजगुरु की शहादत एक महत्वपूर्ण घटना थी।

सुखदेव भगत सिंह की तरह बचपन से ही आज़ादी का सपना पाले हुए थे। ये दोनों ‘लाहौर नेशनल कॉलेज’ के छात्र थे। दोनों एक ही सन में लायलपुर में पैदा हुए और एक ही साथ शहीद हो गए।

मित्रो इन युवाओं की फांसी ने पुरे देश को झकझोर दिया। ऐसे युवाओ से भारत की पहचान है। हम ऐसे क्रांतिवीरों को नमन करते हैं जिन्होंने युवावस्था को सार्थक किया। हम इनके सपनों के भारत के निर्माण का प्रण लेते हैं।

जय हिन्द



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आज शहीद दिवस है

मुस्कराता वो चेहरा सुखदेव का
गहरी निगाहें वो गुरु राज की
वो इंकलाबी दीवानगी भगत की
आखिर डूब गई जीवन की शाम
गुमनाम वही शहादत की शाम
जमकर रोया था आसमान
तड़प रही थी धरती की शान

हँसते हँसते लुटा गए जो अपनी जान
नहीं मिला उन्हें अब तक पहचान
उनकी शहादत की याद में
खौल उठे लहू का सम्मान
क्रांति सूर्य अब हुआ अवसान
सत्ता का होता नित घमशान

बना यह भारत दुखता शमशान
जब तक रगों में अपनी जान
जियेंगे हम शहादत की शाम
ममता आज यह विवश है
आज शहीद दिवस है !

शेर दिल जहाँ रहते शेर जवान
अद्भुद जहाँ रहा युगों से विज्ञान
खेतों में मुस्कराता हर किसान
बन गएँ अब दर्द की दास्तान
पूरी आजादी की मंजिल में
बाकी रहा यह आधा मुकाम

रो रहा भगत तुम्हारा हिन्दुस्तान
तड़प रहा सुखदेव का स्वाभिमान
नहीं रहा राज गुरु का निशान
क्यों भूल गएँ आजादी का नाम
जिन्दा हम बन गुलामी की शाम
पूरा हुआ नहीं शहीदों का काम

तुम डाल दो फांस आसमानों में
लगा दो आग सत्ता के मकानों में
तुम हो आखिर उन दीवानों में
भारत आज विवश है
भारत का महा पर्व है
क्रांति सूर्य का उत्सर्ग है
हमारा भटका हुआ फर्ज है

देश का हम पर बड़ा कर्ज है
गीरीबी में ममत्व मस्त है
कल्पनाओ का सूरज अस्त है
आज शहीद दिवस है ……………….



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Comments – आज 23 मार्च है यानि शहीद दिवस.

आज ही के दिन वर्ष 1931 की मध्यरात्रि को अंग्रेजी हुकूमत ने भारत के तीन सपूतों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर लटका दिया था.

शहीद दिवस के रुप में जाना जाने वाला यह दिन यूं तो भारतीय इतिहास के लिए काला दिन माना जाता है पर स्वतंत्रता की लड़ाई में खुद को देश की वेदी पर चढ़ाने वाले यह नायक हमारे आदर्श हैं.

अदालती आदेश के मुताबिक भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 24 मार्च, 1931 को फांसी लगाई जानी थी, सुबह करीब 8 बजे. लेकिन 23 मार्च 1931 को ही इन तीनों को देर शाम करीब सात बजे फांसी लगा दी गई और शव रिश्तेदारों को न देकर रातों रात ले जाकर व्यास नदी के किनारे जला दिए गए. अंग्रेजों ने भगतसिंह और अन्य क्रांतिकारियों की बढ़ती लोकप्रियता और 24 मार्च को होने वाले विद्रोह की वजह से 23 मार्च को ही भगतसिंह और अन्य को फांसी दे दी.

“जब इश्क और क्रांति का अंजाम एक
ही है
तो राँझा बनने से अच्छा है भगतसिंह
बन जाओ”



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उसने मेरा दिल तोड़ दिया और मैंने उसका…
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iPhone 6,
अब खुद ही हिसाब लगा लो कौन ज्यादा रोया होगा
😂😜😜

उसको आना होगा तो अपने आप ही चली आएगी,
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यूँ घंटों टॉयलेट में बैठ कर, जोर लगाना फ़ज़ूल है।
😝😝😛
ज़िंदगी में दो बातें हमेशा याद रखना,
हवा चलती है तो पत्ते हिलते हैं और…
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नहीं चलती तो नहीं हिलते।
😃😂😜😛😀

आजकल प्यार में दिल कम,
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सिम ज्यादा टूटते हैं।
😜😝😂🎅😃

किताबें सबसे अच्छी दोस्त होती हैं,
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भगवान जाने किसकी।
😃😂😜😝😛😂

हर आहट पर जान निकल जाती है;
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ये पब्लिक टॉयलेट के दरवाज़े की कुण्डी क्यों नहीं होती।
😜😝😛😂

शरीफ थे इतने कि कभी कमीज के बटन तक नहीं खोले,
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मगर ये बिजली बोर्ड वालों ने तो ‘सनी लियोन’ बना दिया।
😜😝😛😂

इतना टूट के न चाहो उसे मोहब्बत की शुरुआत में…
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क्या पता उसकी बहन ज्यादा खूबसूरत हो।
😜😝😛😂

तुम पर बीतेगी तो तुम जानोगे कि…
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कोई दावत पर बुलाकर ‘टिण्डे’ की सब्ज़ी खिलाये तो कैसा लगता है।
😜😝😛😂

हसरत ए दीदार के लिये उसकी गली में मोबाईल की दुकान खोली;
मत पूछो अब हालात ए बेबसी, ऐ गालिब;
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रोज़ एक नया शख्स उनके नम्बर पे रीचार्ज़ करवानें आता है।
😜😝😛😂
😜😝😛😂
एक लड़की ने मुझसे पूछा क्या आप WhatsApp चलाते हो?
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मैंने कहा नही ड्राइवर रखा हुआ है।
😜😝😛😂



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